एक प्रयास, लुप्त होती हुई ब्रज वृन्दावन की रासलीला संस्कृति को बचाने का
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चैन घाट पर रचौ जु मंडल । हम नित रास रमत हैं इहि थल ।।
जहँ जहँ इष्ट चिताये हौर । प्रकट किये रसिकन सिरमौर । चाचा श्री वृन्दावन दास जी |
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